वास्तु के अनुसार बच्चों का शयनकक्ष कहाँ होना चाहिए?
वास्तु बच्चों का शयनकक्ष को आदर्श रूप से पश्चिम और उत्तर-पश्चिम (वायव्य) में रखता है. पूर्व, उत्तर, उत्तर-पूर्व (ईशान्य), और दक्षिण भी स्वीकार्य हैं. इसे दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य), दक्षिण-पूर्व (आग्नेय), और केंद्र (ब्रह्मस्थान) में रखना अशुभ माना जाता है.
दिशा मार्गदर्शिका
आदर्शपश्चिमउत्तर-पश्चिम (वायव्य)
स्वीकार्यपूर्वउत्तरउत्तर-पूर्व (ईशान्य)दक्षिण
वर्जितदक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य)दक्षिण-पूर्व (आग्नेय)केंद्र (ब्रह्मस्थान)
क्यों
पश्चिम और वायव्य दिशा बच्चों की वृद्धि, अध्ययन और विश्राम के लिए उपयुक्त हैं।
— VastuVerdict नियम आधार v1.1 (मुख्यधारा सर्वसम्मति)
क्या पहले से ऐसा बना है?
बच्चों को पश्चिम/वायव्य कक्ष में ले जाएँ; नैऋत्य कक्ष बड़ों के लिए रखें।
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