दक्षिण-पूर्व (आग्नेय) में बच्चों का शयनकक्ष: दोष कितना गंभीर, और उपाय क्या?
दक्षिण-पूर्व (आग्नेय) में बच्चों का शयनकक्ष एक मामूली वास्तु दोष है (भार 1/4). वास्तु के अनुसार इसे आदर्श रूप से पश्चिम और उत्तर-पश्चिम (वायव्य) में होना चाहिए. पूर्व, उत्तर, उत्तर-पूर्व (ईशान्य), और दक्षिण भी स्वीकार्य हैं.
MINOR यह एक मामूली दोष है, VastuVerdict स्कोर में भार 1/4.
दिशा मार्गदर्शिका
आदर्शपश्चिमउत्तर-पश्चिम (वायव्य)
स्वीकार्यपूर्वउत्तरउत्तर-पूर्व (ईशान्य)दक्षिण
वर्जितदक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य)दक्षिण-पूर्व (आग्नेय)केंद्र (ब्रह्मस्थान)
क्यों
पश्चिम और वायव्य दिशा बच्चों की वृद्धि, अध्ययन और विश्राम के लिए उपयुक्त हैं।
— VastuVerdict नियम आधार v1.1 (मुख्यधारा सर्वसम्मति)
क्या पहले से ऐसा बना है?
बच्चों को पश्चिम/वायव्य कक्ष में ले जाएँ; नैऋत्य कक्ष बड़ों के लिए रखें।
2 मिनट में अपने पूरे घर की जाँच करें — मुफ़्त
अभी जाँचें