उत्तर-पूर्व (ईशान्य) में ऊपरी जल टंकी: दोष कितना गंभीर, और उपाय क्या?

उत्तर-पूर्व (ईशान्य) में ऊपरी जल टंकी एक बड़ा वास्तु दोष है (भार 2/4). वास्तु के अनुसार इसे आदर्श रूप से दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य) और पश्चिम में होना चाहिए. दक्षिण और उत्तर-पश्चिम (वायव्य) भी स्वीकार्य हैं.

MAJOR यह एक बड़ा दोष है, VastuVerdict स्कोर में भार 2/4.

दिशा मार्गदर्शिका

आदर्शदक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य)पश्चिम
स्वीकार्यदक्षिणउत्तर-पश्चिम (वायव्य)
वर्जितउत्तर-पूर्व (ईशान्य)केंद्र (ब्रह्मस्थान)दक्षिण-पूर्व (आग्नेय)उत्तरपूर्व

क्यों

ऊपरी टंकी भारी द्रव्यमान है और नैऋत्य/पश्चिम में उपयुक्त है, हल्के ईशान्य में कदापि नहीं।

— VastuVerdict नियम आधार v1.1 (मुख्यधारा सर्वसम्मति)

क्या पहले से ऐसा बना है?

ऊपरी टंकी को नैऋत्य में स्थानांतरित करें; ईशान्य को हल्का रखें।

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